पूर्णियाँ : कोरोना काल में थैलेसीमिया मरीजों को विशेष सतर्कता की जरूरत
– थैलेसीमिया के मरीजों की इम्युनिटी लेवल होता है कमजोर – खून में हीमोग्लोबिन के निर्माण में रहती है कमी – घातक अनुवांशिक बीमारी है थैलेसीमिया – प्रतिवर्ष 8 मई को मनाया जाता है वर्ल्ड थैलेसीमिया डे – “डौनइंग ऑफ़ ए न्यू एरा फॉर थालेसेमिया” है इस वर्ष की थीम पूर्णियाँ : 08 मई कोरोना संक्रमण के समय सभी लोगों को विशेष सावधानी की जरूरत है. खासकर जो थैलेसीमिया के मरीज हैं उसपर मुख्य रूप से ध्यान देने की जरूरत है. डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना के संक्रमण का खतरा बुजुर्गों, बच्चों या किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को ज्यादा है. थैलेसीमिया खून से संबंधित एक बीमारी है जिसमें ऑक्सीजन वाहक प्रोटीन जिसे हेमोग्लोबिन कहते हैं और आरबीसी यानी रेड ब्लड सेल्स (लाल रक्त कोशिकाएं) शरीर में सामान्य से कम मात्रा में होते हैं. थैलेसीमिया मरीजों की इम्युनिटी सिस्टम भी ज्यादा कमजोर होती है. इसलिए थैलेसीमिया के मरीजों को विशेष तौर पर खयाल रखना जरुरी है. ऐसे समय में घर पर माहौल खुशनुमा रखना, उनके वजन व सेहत का ख्याल रखना, नियमित रूप से डॉक्टरों के संपर्क में रहने पर ध्यान देना जरूरी है. विश्व स्वास्थ्य सं...