पूर्णियाँ : शिशुओं को कराएँ पूरक आहार, सुपोषित होगा उनका संसार
– बाल कुपोषण को खत्म करने के लिए पूरक आहार महत्वपूर्ण – शारीरिक व मानसिक विकास के लिए बेहतर पोषण जरूरी – सेविका देती है पोषण सम्बंधित जानकारी पूर्णियाँ : 10 सितंबर शिशु के जन्म से छह माह पश्चात उन्हें पोषण देना शुरू कर दिया जाता है. अगर शिशु को सही समय पर सही पोषण न मिल सके तो वह कुपोषण का शिकार हो सकता है. शिशुओं में कुपोषण की मात्रा को कम करने के लिए सरकार द्वारा पूरे सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है. पूरे माह के दौरान लोगों को विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से शिशुओं में कुपोषण से होने वाली खतरों की जानकारी देने के साथ साथ सही पोषण सम्बंधित जानकारियाँ दी जाती है. सही पोषण के मिलने से ही शिशुओं में कुपोषण की सम्भावना खत्म हो सकती है. इसलिए बाल कुपोषण को दूर करने के लिए पोषण की सही जानकारी का होना जरूरी है. शारीरिक व मानसिक विकास के लिए बेहतर पोषण जरूरी : आईसीडीएस जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शोभा सिंह ने बताया कि शिशुओं की उम्र बढ़ने के साथ ही उनके शरीर में भी वृद्धि का होना जरूरी है. उम्र के साथ शिशु की लंबाई, वजन के साथ साथ उनकी मष्तिष्क व तंत्रिका तंत्र का भी वि...